सावित्री का दुखद मामला

सावित्री ने कहा मेरे बच्चे की मौत के लिए पुलिस जिम्मेदार : मिसकैरेज के बाद निकले भ्रूण को जांच के लिए किया गया प्रिजर्व

सावित्रीबाई ने आरोप लगाया है कि पुलिस की मारपीट के कारण उनका मिसकैरेज हुआ। समाज की बैठक में इस पर चर्चा होगी।

By : रैपिडो न्यूज़
सावित्री ने कहा मेरे बच्चे की मौत के लिए पुलिस जिम्मेदार : मिसकैरेज के बाद निकले भ्रूण को जांच के लिए किया गया प्रिजर्व

आज मरार समाज की प्रदेश स्तरीय बैठक में तय होगी रणनीति

सीएमएचओ बोले—मिसकैरेज के कई कारण, तनाव भी प्रमुख वजह

बालाघाट। सावित्रीबाई ने आरोप लगाया है कि उनके बच्चे की मौत के लिए पुलिस जिम्मेदार है। उनका कहना है कि थाने में कथित मारपीट के बाद वह सदमे में थीं, जिसके कारण उनका गर्भ नहीं बच सका। महिला का उपचार अस्पताल में चल रहा है और चिकित्सकों की निगरानी में परिवार उसकी देखरेख कर रहा है। सावित्रीबाई ने मामले में न्याय की मांग की है।

मिसकैरेज के कई कारण, तनाव भी प्रमुख वजह : सीएमएचओ

मामले में सीएमएचओ शशिभूषण डहेरिया ने बताया कि मिसकैरेज के कई कारण हो सकते हैं। इनमें एनीमिया, जेनेटिक कारण और तनाव प्रमुख हैं। उनके अनुसार, महिला कुछ दिनों से तनाव में थी, इसलिए तनाव भी मिसकैरेज का एक संभावित कारण हो सकता है। मिसकैरेज के बाद निकले भ्रूण को प्रिजर्व कर लिया गया है। जांच के बाद ही गर्भपात के वास्तविक कारणों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मरार माली समाज की प्रदेश स्तरीय बैठक आज

शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को मरार माली समाज की प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में मंडला, जबलपुर, सिहोरा, भोपाल, रायसेन, रीवा, सतना, मुरैना और विदिशा सहित अन्य जिलों तथा पड़ोसी राज्यों से समाज के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल होंगे।

जिला मरार माली समाज अध्यक्ष रमेश पटेल ने बताया कि बैठक में प्रदेशभर से करीब 250 सामाजिकजन शामिल होंगे। इसमें समाज की महिलाओं के साथ कथित पुलिस प्रताड़ना और उससे उत्पन्न स्थिति पर चर्चा की जाएगी तथा आगे की रणनीति तय की जाएगी।

चोरी के मामले में महिला सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया गया था

उल्लेखनीय है कि बीते 21 अगस्त को किरनापुर पोस्ट ऑफिस के सामने 50 हजार रुपये की चोरी के मामले में किरनापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस जांच के दौरान दो महिला कांस्टेबल पायल सोनवंश तथा धिम्मकोला निवासी कैलाश चौधरी और उसकी पत्नी सावित्री चौधरी को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई थी।

सावित्रीबाई ने आरोप लगाया है कि हिरासत के दौरान थाने में उनके साथ पुरुष पुलिसकर्मियों ने अमानवीय व्यवहार करते हुए मारपीट की। समाज की ओर से आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।

आंदोलन के दौरान मारपीट और तोड़फोड़ का भी मामला दर्ज

15 सितंबर को पुलिस कार्रवाई के विरोध में मरार माली समाज के आंदोलन के दौरान मारपीट और तोड़फोड़ की घटना हुई थी। इसके बाद पुलिस ने 63 नामजद सहित करीब 100 से 200 लोगों के खिलाफ बलवा, लोकसेवक के साथ मारपीट तथा शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। प्रकरण में कुछ जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के नाम भी शामिल बताए गए हैं।

चार पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज, समाज कर रहा अतिरिक्त कार्रवाई की मांग

बालाघाट पुलिस ने महिला के साथ कथित मारपीट के मामले में चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। वहीं, अब मरार माली समाज की ओर से मांग की जा रही है कि महिला के मिसकैरेज के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ भ्रूण की मौत से संबंधित अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई भी की जाए।

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