2026-27 में बीएएमएस की 100 सीटों पर अनुमति नहीं मिलने का दावा; 39 शिक्षकों के शिक्षक कोड निलंबन और कथित आर्थिक दंड को लेकर भी सवाल
बालाघाट। जिले का सरदार पटेल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल एक बार फिर नियामकीय कार्रवाई से जुड़े मामले को लेकर चर्चा में है। राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (एनसीआईएसएम) की ओर से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जारी अनुमति संबंधी सूची में कॉलेज का नाम ‘अनुमति नहीं’ श्रेणी में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इससे संस्थान में संचालित बीएएमएस पाठ्यक्रम की 100 सीटों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं बीएएचएमएस पाठ्यक्रम की अनुमति तथा कॉलेज से जुड़े कथित आर्थिक दंड को लेकर भी चर्चाएं हैं।
जानकारी के अनुसार सरदार पटेल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में बीएएमएस की कुल 100 सीटें निर्धारित हैं। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में इन सीटों पर प्रवेश की अनुमति मिलने के बाद अब 2026-27 के लिए स्थिति अलग बताई जा रही है। एनसीआईएसएम की अनुमति सूची में संस्थान को अनुमति नहीं दिए जाने वाली श्रेणी में रखा गया है। यह कार्रवाई भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग अधिनियम 2020 की धारा 28 एवं संबंधित नियमों के तहत होने की जानकारी दी गई है।
विद्यार्थियों और अभिभावकों में चिंता
नए सत्र के लिए बीएएमएस की 100 सीटों पर अनुमति नहीं मिलने की स्थिति से प्रवेश की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों और अभिभावकों के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यार्थियों की चिंता है कि कॉलेज को दोबारा अनुमति कब मिलेगी और प्रवेश प्रक्रिया को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, अनुमति नहीं मिलने का पुराने विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रभाव नियामकीय प्रावधानों पर निर्भर करेगा। ऐसे में विद्यार्थियों को कॉलेज तथा संबंधित नियामक संस्था की आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना होगा।
39 शिक्षकों के शिक्षक कोड निलंबन का मामला
कॉलेज से जुड़ी पूर्व नियामकीय कार्रवाई में फैकल्टी को लेकर भी सवाल उठ चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार संस्थान से जुड़े 39 शिक्षकों के शिक्षक कोड को एक वर्ष के लिए निलंबित किए जाने की कार्रवाई सामने आई थी। इसके बाद कॉलेज में वास्तविक रूप से उपलब्ध फैकल्टी और दस्तावेजों में दर्ज शिक्षकों की स्थिति को लेकर सवाल उठे थे। कागजों में दर्ज, लेकिन संस्थान में वास्तविक उपस्थिति को लेकर भी आरोप और चर्चाएं सामने आई थीं।
करोड़ों के कथित जुर्माने की चर्चा
इसी क्रम में कॉलेज से जुड़े अलग-अलग पाठ्यक्रमों पर आर्थिक दंड लगाए जाने की भी चर्चा है। जानकारी के अनुसार नर्सिंग पर करीब 18 लाख, बीएएचएमएस पर करीब 50 लाख और बीएएमएस पर करीब एक करोड़ रुपये के आर्थिक दंड की बात कही जा रही है। हालांकि इन राशियों और संबंधित कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि आदेश सामने आने के बाद ही हो सकेगी।
इस पूरे मामले में कॉलेज प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रबंधन ने 2026-27 में बीएएमएस की 100 सीटों की अनुमति नहीं मिलने के कारणों, नियामकीय कमियों तथा उन्हें दूर करने के लिए उठाए जा रहे कदमों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। बीएएचएमएस की अनुमति और कथित आर्थिक दंड को लेकर भी आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है।
अब विद्यार्थियों और अभिभावकों की नजर कॉलेज प्रबंधन के आधिकारिक पक्ष तथा एनसीआईएसएम की आगामी कार्रवाई पर है। अनुमति से जुड़ी स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही 2026-27 सत्र में प्रवेश और सीटों को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी।